silai macine ka business kare ghar baithe kam

Small business idea
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Ghar baithe tailoring macine se unlimited kamai kare

इस क्षेत्र में अगर आप बेहतर करियर बनाना चाहते हैं तो आपको कटिंग एंड टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग की नॉलेज यानी आर्ट का सही ज्ञान होना चाहिए। इसके साथ ही आपको बाजार में आ रहे कपड़ों के नए-नए डिजाइनों की जानकारी और उन्हें तैयार करने का हुनर भी आना चाहिए।
इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए विभिन्न तरह की कुशलताओं की जरुरत होती है कि आप वस्त्रों को किस तरह से trendy लुक दे सकते हैं

आपको सिलाई, माप, बटन से सजाना, लटकन टांकना, पैच वर्क, ज़िप इत्यादि के बारे में पर्याप्त ज्ञान और कौशल होना चाहिए।

sewing macine business

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सिलाई कक्षाओं में भाग लेने का अनुभव एक बड़ा प्लस पॉइंट है जिससे आपको परफेक्ट तरीके से सिलाई करना आएगीI

इसके अलावा ग्राहकों के साथ कम्युनिकेशन स्किल को स्ट्रांग रखना होगा I
ग्राहक की पसंद के अनुसार परिधान में फिटिंग करें और तय करें कि समायोजन कहाँ करना है

चॉक या पिन्स का उपयोग करके सहमत हुए बदलावों को चिह्नित करें

निर्णय लें कि किस प्रकार के फैब्रिक पर किस तरह की सिलाई सही रहेगी

ज़िप सही करें, पैच वर्क करें

डिजाइनर बटन लगाएं और परिधान डिज़ाइन करें

Starting the Business (परिवर्तन सेवा व्यवसाय स्थापना)

जब आप घर से व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, तो इसके लिए एक विशिष्ट कमरे या स्थान का होना महत्वपूर्ण है।

आपको कार्यस्थल की व्यवस्था करने, सामग्री को स्टोर करने, माप लेने और ग्राहकों से बात करने के लिए एक अलग स्थान की आवश्यकता होगी। आप एक कमर्सियल प्लेस में एक रिटेल लोकेशन लेकर इस व्यवसाय को आरंभ कर सकते हैं।

आवश्यक सामग्री खरीदते समय भी सावधानी बरतनी होगी जैसे – मशीन खरीदना, थ्रेड्स, सुई, कैंची, मापन टेप, बटन आदि I

ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि ज्यादा से ज्यादा प्रचार – प्रसार करेंI इसके लिए कुछ समाचार पत्रों, केबल चैनल्स पर विज्ञापन दे सकते हैं I

अगर चाहे तो अन्य किसी व्यवसायी से टाई-अप भी कर सकते हैं I

मशीनें व अन्य जरूरी चीजें

वैसे तो कटिंग एंड टेलरिंग का काम एक सिलाई मशीन के जरिए भी किया जा सकता है, लेकिन अच्छे स्तर पर काम शुरू करने के लिए आपको चार अलग-अलग मशीनों की जरूरत पड़ेगी। इनमें सिलाई मशीन, पीको मशीन, इंटरलॉक मशीन और एम्ब्रॉयडरी यानी कढ़ाई मशीन आदि शामिल हैं। इन मशीनों के अलावची, टेलर चॉक, बुक्रम, पेस्टिंग, प्रेस और धागे की जरूरत होती है। मशीनें आपको यूं तो हर शहर में मिल जाएंगी, लेकिन लुधियाना की मशीनें सबसे ज्यादा प्रसिद्घ हैं।

Cost


कटिंग-टेलरिंग का काम शुरू करने के लिए यूं तो एक घरेलू यानी बिना पैरदान वाली सिलाई मशीन, जो एक से दो हजार रुपए की आ जाती है, ही काफी है, लेकिन बड़े स्तर पर या दुकान स्थापित करने पर लागत मशीनों और दुकान के किराए पर निर्भर करती है। मोटे तौर पर कहें तो मार्केट में इस काम को शुरू करने के लिए आपको कम से कम दस-बारह हजार रुपए की जरूरत पड़ेगी, जबकि बड़े स्तर पर काम शुरू करने में चार-पांच लाख रुपए तक लगेंगे।

Income-

कटिंग एंड टेलरिंग का काम एक ऐसा काम है, जिसमें दो रुपए का धागा दो सौ रुपए तक की कमाई का जरिया बनता है। फिर भी काम के विस्तार और ग्राहकों के आने पर कमाई निर्भर करती है।

अनुमान है कि एक घरेलू सिलाई मशीन से आप तीन से छह हजार रुपए महीने कमा सकते हैं, जबकि दुकान स्थापित करके केवल एक सिलाई मशीन से पांच हजार से आठ हजार रुपए महीने की कमाई कर सकते हैं। बुटीक खोलने पर कमाई काफी अच्छी हो सकती है।

Loan

प्राइवेट स्तर पर लोन लेने के लिए आपको नजदीकी बैंक से संपर्क करना होगा। इसके लिए जिस जगह आप काम स्थापित कर रहे हैं, उस जगह के कागज (जिनमें रजिस्ट्री, पावर ऑफ अटॉर्नी या रेंट एग्रीमेंट शामिल है) होने चाहिए। इसके अलावा बैंक आपके एजुकेशन कागज या कटिंग एंड टेलरिंग का सर्टिफिकेट या दोनों मांग सकता है। साथ ही आपको एड्रेस और आईडी प्रूफ की भी जरूरत पड़ेगी। अगर आपने खादी ग्रामोद्योग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो आप प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेट पर लोन ले सकते हैं। इसके लिए एससी/ एसटी/ महिलाओं/ शारीरिक विकलांग/ अल्पसंख्यकों को ग्रामीण क्षेत्र के लिए 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र के लिए 25 प्रतिशत की छूट मिलती है, जबकि अन्य को ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत व शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसमें अधिकतम लोन की सीमा पच्चीस लाख रुपए है।

नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी, कोलकाता
वेबसाइट: www.wbnsou.ac.in
बेरली ग्रामीण महिला विकास संस्थान, मुंबई
वेबसाइट- www.berli.org

प्रमुख संस्थान

बहुद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, राजघाट, नई दिल्ली
ईमेल- matcnd@rediffmail.comनेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिली

वेबसाइट- www.nift.ac.in

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
वेबसाइट- www.ignou.ac.in

सावित्री देवी पॉलिटेक्निक फॉर वुमन, नई दिल्ली
वेबसाइट-  www.savitripolytechnic.co.in

आयु सीमा


टेलरिंग का काम सीखने की आयु सीमा के लिए सभी संस्थानों के मानदंड अलग-अलग हैं। कुछ संस्थान 14-15 साल की उम्र में ही प्रवेश दे देते हैं तो कुछ संस्थान 18 साल के बाद ही प्रवेश देकर प्रशिक्षण मुहैया कराते हैं।
योग्यता
कटिंग एंड टेलरिंग का कोर्स करने के लिए एजुकेशन का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। अगर आप आठवीं या दसवीं पास भी हैं तो इस क्षेत्र में आसानी से अपना करियर बना सकते हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग केंद्रों में केवल हिंदी जानने वाले अभ्यर्थी ही प्रवेश पा सकते हैं। कुछ संस्थान बारहवीं पास को ही प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। अगर आप कटिंग एंड टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग का कोर्स भी करना चाहते हैं तो कुछ संस्थानों में यह सुविधा भी मौजूद है। इसके लिए अभ्यर्थी को कम से कम बारहवीं पास होना चाहिए। कहीं-कहीं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन की मांग की जाती है।

कोर्स अवधि
कोर्स की अवधि भी सभी संस्थानों में अलग-अलग है। अधिकतर संस्थानों में तीन महीने से दो साल तक के कोर्स कराए जाते हैं। दो साल के कोर्स में कटिंग एंड टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

फीस
सभी संस्थान अपने द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं, कोर्स की अवधि और प्रबंधन के मानदंड के आधार पर ही फीस वसूलते हैं। खादी ग्रामोद्योग में सामान्य अभ्यर्थियों से 100 रुपए के प्रॉस्पेक्टस के अलावा दो सौ रुपए महीने फीस ली जाती है, जबकि महिलाओं, विकलांगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों से कोई फीस नहीं ली जाती। रॉ मैटीरियल प्रशिक्षणार्थी को अपने पास से लाना होता है। प्राइवेट संस्थानों में एक हजार से 15 हजार रुपए तक की फीस ली जाती है।

टेलरिंग का काम कभी बंद न होने वाला स्व-रोजगार है। दो दशक पहले बाजार में रेडिमेड कपड़ों की ओर जिस तरह से लोगों का रुझान बढ़ा था, उससे गली-मोहल्ले के टेलरों का काम काफी गड़बड़ाया, लेकिन अब लोगों का ध्यान रेडिमेड से हटने लगा है।

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